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Britain mein sex sikhne ke liye teenagers le rahe hai porn ka sahara

Britain mein sex sikhne ke liye teenagers le rahe hai porn ka sahara

क्या ब्रिटेन में नाबालिग लड़के-लड़की सेक्स(Sex) के बारे में जानकारी पाने के लिए पोर्न वेबसाइटों का सहारा ले रहे हैं? यह सवाल ब्रिटिश समाचार संस्था बीबीसी ने ब्रिटेन के कई स्कूलों के टीचरों और पढ़ रहें बच्चों से पूछा. जिसके जवाब हैरान कर देने वाले रहे. रिपोर्ट के मुताब़िक स्कूल में पढ़ रहे छात्रों(Students) में सेक्स(Sex) से जुड़े सवालों को शांत करने के लिए पोर्न वेबसाइटों का सहारा लेना काफी आम बात हो चुकी है.

ब्रिटेन(Britain) के एक स्कूल में पढ़ाने वाली 24 वर्षीय टीचर(Teacher) ने वहां की समाचार ऐजंसी बीबीसी को बताया, कि वो अपने कुछ छात्रों की भाषा सुनकर दंग रह गई, क्योंकि वह बहुत ही ज्यादा अश्लील थी. लड़के सेक्स(Sex) और यौन क्रियाओं के बारे में जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे वो काफी घटिया थी. जिससे यह पता चल रहा था कि उन्हें इस बात की कोई समझ नहीं है कि सेक्स करने के लिए सहमति और परस्पर सम्मान की जरूरत होती है.

इसके अलावा टीचर ने यह भी बताया, कि लड़कियाँ अपने शरीर का सम्मान करने के बारे में नहीं सीख रही हैं और वो यह बात नहीं समझ पा रही हैं कि उनका इस्तेमाल या शोषण भी हो सकता है. कई लड़कियों को यह लगता है, कि अगर लड़का आपकी तस्वीर न मांगे या आपके साथ आने के लिए न कहे, तो इसका मतलब वो आकर्षक नहीं है. इसलिए साथियों की दबाव में कई बार लड़कियां ऐसी चीजें स्वीकार कर रही हैं.

साथ ही टीचर(Teacher) नें यह भी चिंता जताई कि लड़कियों को नहीं पता कि जो चीज उन्हें नहीं पसंद उसके लिए ना कहना उनका हक है. टीचर ने यह भी बताया कि उनके स्कूल के छात्र-छात्राएं पोर्न(Porn) फिल्मों में दिखने वाले एक्टरों(Actors) की तरह अपने को बनाना चाहते हैं.

टीचर ने स्कूलों(Schools) में दी जा रही सेक्स शिक्षा पर चिंता जताते हुए कहा, कि उसमें पूरा ध्यान इसपर होता है कि किस तरह गर्भधारण(Pregnant) न हो. उसमें यह नहीं बताया जाता कि प्रेम संबंध कैसे बनाएं जाए या सहमति से सेक्स करना क्या होता है.

बच्चों में आ रहे बदलाव(Changes) के बारे में बात करते हुए कहा कि टीचर(Teacher) इस बारे में बात नहीं करना चाहते. साथ ही समाज पर पड़ रहे इसकें बुरे असर के लिए पोर्न इंडस्ट्री(Porn industry) को जिम्मेदार बताते हुए, स्कूल में टीचर और घर में अभिभावकों(Parents) का सजग होने की बात कही.