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सूजन के प्राकृतिक घरेलू उपचार – Inflammation meaning in Hindi

सूजन के प्राकृतिक घरेलू उपचार – Inflammation meaning in Hindi

सूजन क्या होती है? – sujan kya hota hai

सूजन जिसे हिंदी में प्रदाह भी कहा जाता हैं. इसके होने के कई कारण हो सकते है जैसे खेलते-कूदते चोट लग जाना या दौड़ने के दौरान इंजरी आदि पर सूजन आ जाना या फिर किसी चीज से टकरा जाना आदि. ऐसे ही बहुत से चोट लगने के कारण हो सकते हैं. ऐसे में हल्की फूल्की चोट लगकर सूजन आ जाने पर सूजन के घरेलू उपचार किए जा सकते हैं.

असान भाषा में समझने की कोशिश करें तो जब शरीर के किसी हिस्से में चोट लगती है तो तरल पदार्थ किसी एक जगह पर जमा हो जाता है और वह हिस्सा फूल दिखाई देने लगता है जिसे सूजन कहते हैं. इसमें दर्द होने लगता हैं और वह फूला हुआ दिखाई देने लगता हैं.

सूजन के प्राकृतिक घरेलू उपचार अपनाने से सूजन में बहुत जल्दी फायदा मिलने के साथ-साथ दर्द में भी राहत मिलती है. इसके अलावा सूजन के घरेलू उपचार का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इनके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं.

सूजन के घरेलू उपचार – sujan ka gharelu upay

  • 1 लीटर पानी में 200 ग्राम जौ डाले और उसे अच्छी तरह से उबाल लें.
  • उबल जाने के बाद इसे छान कर ठंडा कर लें.
  • इसके बाद इस पानी को पूरे दिन थोड़ा थोड़ा करके पीना सूजन का प्राकृतिक घरेलू उपचार हैं.
  • ऐसा रोज़ करने से पूरे शरीर या शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन में बहुत जल्दी फायदा मिलता हैं.

हल्दी का उपयोग

  • हल्दी का इस्तेमाल सूजन का प्राकृतिक घरेलू उपचार हैं, इसमें सबसे पहले 200 ग्राम गर्म दूध में 1 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर मिलाए.
  • इसके बाद इसमें थोड़ी सी मिश्री या शक्कर मिला लें.
  • रोज दिन में इसे 1 बार किसी भी समय सेवन करना चाहिए.
  • ऐसा करने से पूरे शरीर में होने वाली सूजन बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं.

हरी सब्जियाँ

  • इसमें सबसे पहले धनिए की पत्तियों को आवश्यकतानुसार दूध में पीसकर पेस्ट बना लें.
  • इसके बाद पेस्ट को सूजन वाली जगह पर लगाकर 2 – 3 घंटे के लिये छोड़ दें.
  • इस सूजन के प्राकृतिक घरेलू उपचार को फिर पानी से धो लें.
  • ऐसा दिन में 2 बार रोज़ करें. इससे सूजन बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं.

खीरा खाएं

  • सूजन के प्राकृतिक घरेलू उपचार के साथ-साथ खीरा भी खूब खाना चाहिए.
  • खीरा खाने से पूरे शरीर में तरल पदार्थों के बहाव का नियत्रंण बना रहता हैं.
  • साथ ही इससे शरीर में तरल पदार्थ एक जगह इकठ्ठा नहीं हो पाते है और ज़रुरत से ज़्यादा बनने वाले तरल पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते है.

ध्यान रखने वाली बातें

  • हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि सूजन कोई बीमारी नहीं है, यह सिर्फ किसी अन्य बीमारी के लक्षण है.
  • हृदय रोग, लीवर के रोग, गुर्दे के रोग, चोट आदि के कारण शरीर में संबंधित स्थान पर या पूरे शरीर पर सूजन आ जाती हैं. इसलिए सूजन का कारण जरूर पता कर लेना चाहिए.
  • इस प्रकार सूजन का कारण पता करके इसके घरेलू उपचारों के साथ ही उन रोगों के घरेलू उपचार भी करने चाहिए जिससे सूजन स्थायी रूप से ठीक हो सकती हैं.