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बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में – bipolar disorder in hindi

बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में – bipolar disorder in hindi

इस लेख में आप जानेंगे बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है, महिलाओं और पुरूषों में बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण, प्रकार, फैक्ट, बच्चों में बाइपोलर डिसऑर्डर, कारण, निदान, इलाज, टिप्स और नैचुरल उपाय –

बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है – what is bipolar disorder in hindi

  • बाइपोलर डिसऑर्डर को बाइपोलर रोग या मैनिक डिप्रेशन भी कहा जाता है.
  • यह एक मानसिक स्थिति होती है जिसमें रोगी के मूड में बहुत तेज़ी से बदलाव होता है.
  • इसके लक्षणों में मूड का बहुत तेजी से बदलाव उग्रता के साथ होता है जिसे अंग्रेजी में मेनिया कहा जाता है.
  • इस कंडीशन के दौरान बीच बीच में डिप्रेशन भी देखने को मिलता है.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी को मैनेज करने में परेशानी होती है उदाहरण के लिए स्कूल, काम या रिश्तों में परेशानी का होना आदि.
  • इसका कोई इलाज नही होता है लेकिन काफी सारे ट्रीटमेंट इसके लक्षणों को मैनेज करने में मदद कर सकते है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण – what are the symptoms of bipolar disorder in hindi

बाइपोलर डिसऑर्डर के तीन प्रकार के लक्षण मुख्य होते है जैसे – मेनिया, हाइपोमेनिया और डिप्रेशन.

मेनिया (उन्माद)

  • इसके दौरान रोगी को भावनात्मक अनुभव ज्यादा होता है.
  • रोगी को उत्तेजना, उग्रता, जश्न मनाना और एनर्जी से भरपूर देखा जाता है.
  • मैनिक होने पर रोगी – थोड़े समय में ज्यादा पैसा खर्च करना, असुरक्षित सेक्स, ड्रग का इस्तेमाल कर सकता है.

हाइपोमेनिया

  • इसे बाइपोलर 2 डिसऑर्डर से जोड़ा जाता है जो मेनिया जैसा लेकिन गंभीर नही होता है.
  • इसके दौरान स्कून, सोशल रिलेशनशिप, काम करने में समस्याएं नही आती है.
  • इसके दौरान मूड में बदलाव होता है जिसमें डिप्रेशन आदि होता है.

डिप्रेशन

  • एनर्जी न होना
  • सुसाइड करने के विचार
  • अनिद्रा
  • गहरी नाखुशी
  • खुश रहने वाली क्रियाओं में रूचि न होना.

महिलाओं में बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण – what are the symptoms of bipolar disorder in women in hindi

  • बाइपोलर डिसऑर्डर वाली महिलाओं में रोग का निदान 20 या 30 साल की आयु के बाद होता है.
  • मेनिया की हल्की घटनाएं
  • मेनिया से ज्यादा डिप्रेशन का अनुभव करना
  • एक साल में चार से ज्यादा बार मेनिया या डिप्रेशन की घटनाएं होना
  • थायरॉइड
  • मोटापा
  • घबराहट डिसऑर्डर
  • माइग्रेन
  • अल्कोहोल डिसऑर्डर का रिस्क हो सकता है

पुरूषों में बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण – what are the symptoms of bipolar disorder in men in hindi

महिलाओं और पुरूषों में अधिकतर लक्षण एक जैसे होते है लेकिन पुरूषों में निम्न लक्षण अलग हो सकते है –

  • मेनिया घटनाओं के दौरान एक्ट करना
  • खुद को या दूसरों को नुकसान पहुँचाना
  • ज़िंदगी की शुरूआत में निदान
  • मेनिया की गंभीर घटनाएं 

बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार – types of bipolar disorder in hindi

बाइपोलर डिसऑर्डर तीन प्रकार के होते है – बाइपोलर 1, बाइपोलर 2 और साइक्लोथायमिया.

बाइपोलर 1

  • इसको एक मेनिक घटना के आने के रूप में परिभाषित किया जा सकता है.
  • आपको हाइपोमेनिक या मेनिक घटनाओं के बाद या पहले बड़ी डिप्रेशन की घटनाएं हो सकती है.
  • इस तरह के बाइपोलर डिसऑर्डर पुरूष और महिला दोनों को प्रभावित करते है.

बाइपोलर 2

  • इस तरह के बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित लोग दो हफ्ते में एक बार बड़ी डिप्रेशन घटना का सामना करती है.
  • इनको एक हाइपोमेनिक घटना करीब चार दिन तक रहती है.
  • इस तरह का डिसऑर्डर महिलाओं में अधिक समय तक रहता है.

साइक्लोथायमिया

  • साइक्लोथायमिया वाले रोगियों को हाइपोमेनिया और डिप्रेशन की घटनाएं होती है.
  • इसके लक्षण छोटे, मेनिया और बाइपोलर 1, 2 से कम गंभीर होते है.
  • इस तरह के लोग कंडीशन का अनुभव महीने में एक या दो बार करते है जहां उनका मूड संतुलित रहता है. 

बाइपोलर डिसऑर्डर फैक्ट – bipolar disorder facts in hindi

  • यह कोई रेयर दिमाग का डिसऑर्डर नही है.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण होने वाला डिप्रेशन दो हफ्तों तक रह सकता है.
  • जबकि हाई मेनिक वाली उग्रता कुछ हफ्तों या दिनों तक रह सकती है.
  • कुछ लोग मूड में बदलाव की क्रिया को साल में कई बार अनुभव कर सकते है, वहीं कुछ लोग इसके लक्षणों का सामना बहुत कम करते है.

बच्चों में बाइपोलर डिसऑर्डर – bipolar disorder in children in hindi

  • बच्चों में बाइपोलर डिसऑर्डर का निदान काफी विवादास्पद है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि व्यस्को की तरह बच्चों में इसके लक्षण एक जैसे नही होते है.
  • व्यस्कों की तुलना में बच्चों के मूड और व्यवहार को इसे जानने का आधार नही माना जा सकता है.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर के कई लक्षण बच्चों में एडीएचडी से ओवरलेप करते है.
  • बच्चों में बाइपोलर का पता लगाने में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है.
  • व्यस्कों की ही तरह बच्चे भी उत्तेजना, जश्न, डिप्रेशन, मूड बदलाव जैसे लक्षणों का सामना करते है.  

बच्चों में मेनिक लक्षण

  • ज्यादा खुश और अजीब व्यवहार करना
  • तेजी से बात करना और मुद्दों को बदलना
  • रिस्की चीज़े या व्यवहार को आजमाना
  • जल्दी से गुस्सा आना
  • नींद की परेशानी और कम सोने पर थकान न होना
  • फोकस करने में परेशानी

बच्चों में डिप्रेशन के लक्षण

  • उदास रहना
  • बहुत कम या ज्यादा सोना
  • सामान्य कामों के लिए थोड़ी एनर्जी
  • किसी चीज में कोई रूचि न होना
  • अच्छा महसूस न करना
  • सिरदर्द या पेट दर्द होना
  • बहुत ज्यादा या बहुत कम खाना
  • आत्महत्या के बारे में सोचना

अन्य निदान

  • कुछ व्यवहार के मुद्दे अन्य कंडीशन की ओर इंगित करते है.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर वाले बच्चों में एडीएचडी हो सकता है.
  • इसके लिए डॉक्टर से बात करके उचित उपचार लिया जाना चाहिए.

बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन

  • बाइपोलर डिसऑर्डर का निदान किए जाने वाले लोग मेनिया या हाइपोमेनिया का अनुभव करते है.
  • जब मूड में अप महसूस होता है तब काफी उत्तेजित और एनर्जी रहती है.
  • जबकि कुछ लोग बहुत ज्यादा अवसाद का सामना करते है जिस डाउन मूड कहते है.
  • इसके दौरान उदासी महसूस होती है.
  • मेनिया का इलाज हो जाने वाले लोग सामान्य होने पर डिप्रेशन का सामना कर सकते है.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर में रोगी के मूड और भावनाओं में बदलाव होता है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण – what are the causes of bipolar disorder in hindi

जेनेटिक्स

  • घर में किसी को बाइपोलर डिसऑर्डर की हिस्ट्री होने पर बच्चें में इसके विकसित होने के मौके अधिक होते है.
  • हालांकि, हमेशा याद रखें कि बाइपोलर डिसऑर्डर के इतिहास वाले बहुत से लोगों के बच्चों को यह नही होता है.

दिमाग

  • दिमाग की संरचना हमारे रोग के रिस्क को प्रभावित कर सकती है.
  • जबकि दिमाग की संरचना में असामान्यताओं या फंक्शन के कारण इनका रिस्क बढ़ सकता है. 

वातावरण फैक्टर

  • बहुत अधिक तनाव होना
  • शारीरिक बीमारी
  • किसी दुर्घटना का अनुभव

बाइपोलर डिसऑर्डर का निदान – bipolar disorder diagnosis in hindi

  • बाइपोलर 1 का निदान करने के लिए एक या दो से अधिक मेनिक घटनाएं, जो मेनिक और डिप्रेशन के साथ हो सकती है.
  • बाइपोलर 2 के निदान में एक या दो बड़े डिप्रेसिव घटनाएं और एक हाइपोमेनिया की घटना का होना.
  • मेनिक घटना के निदान के लिए आपको लक्षणों के एक हफ्ते से अधिक रहने या अस्पताल में भर्ती होने पर होते है.
  • दो हफ्ते से अधिक गंभीर अवसाद की घटनाओं के रहने पर इसे रोग का लक्षण माना जाता है.
  • बच्चों और व्यस्कों में मूड स्विंग का निदान बहुत मुश्किल है क्योंकि इस आयु में ऐसा होना काफी आम है.
  • इसका उपचार न मिलने पर बाइपोलर के लक्षण अधिक खराब हो सकते है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों का टेस्ट

  • शारीरिक एक्जाम
  • मानसिक स्थिति को जानना
  • अपने मूड को लिखना आदि

बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज – what is the treatment of bipolar disorder in hindi

ऐसे कई उपचार है जो बाइपोलर डिसऑर्डर को मैनेज कर सकते है. इसमें दवाएं, काउंसलिंग, लाइफ़स्टाइल बदलाव के अलावा प्राकृतिक उपाय भी मददगार होते है.

दवाएं

साइकोथेरेपी

  • कॉगनेटिव थेरेपी – इसमें बात करके बाइपोलर डिसऑर्डर को मैनेज करने में मदद मिलती है.
  • साइकोएज्यूकेशन – यह एक प्रकार की काउंसलिंग होती है जिससे डिसऑर्डर को समझने में मदद मिलती है.
  • इंटरपर्सनल थेरेपी – इसमें रोजाना की आदते जैसे खाना, सोना, एक्सरसाइज आदि को ठीक करने की कोशिश की जाती है.

अन्य ट्रीटमेंट

  • इलैक्ट्रोकन्वलसिव थेरेपी
  • नींद की दवाएं
  • सप्लीमेंट
  • एक्यूपंचर

लाइफ़स्टाइल बदलाव

  • नियमित समय से खाना और नींद लेना
  • मूड स्विंग का पता होना
  • उपचार में परिवार का साथ
  • डॉक्टर से बात कर सलाह लेना

बाइपोलर डिसऑर्डर के लिए टिप्स – tips for coping and support bipolar disorder in hindi

दुनिया में ऐसे बहुत सारे लोग है जो बाइपोलर डिसऑर्डर से लड़ रहे है. इसलिए जरूरी है कि इसके बारे में खुद और अपनी करीबी लोगों के पास पूरी जानकारी होना. जबकि इसके लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए. अगर आपके किसी करीबी को यह समस्या है तो उन्हें सपोर्ट करना बहुत जरूरी है. 

जो लोग डिप्रेशन में होते है उन्हें आत्महत्या के विचार आते है तो ऐसे में जरूरी है कि अपने करीबियों से बातें साझा करें.

रिलेशनशीप

इस डिसऑर्डर का रिश्तों पर काफी प्रभाव पड़ता है इसलिए जरूरी है कि अपनी कंडीशन के बारे में खुलकर बात करें. जिससे आपके पार्टनर को आपके निदान, अवसाद, मेनिक घटनाओं के दौरान क्या उम्मीद रखें, मूड का उपचार करने के लिए क्या करें, साथ ही कैसे मदद करनी है इसके लिए तैयार रहें. 

बाइपोलर डिसऑर्डर के नैचुरल उपाय – natural cure for bipolar disorder in hindi

इसके लिए कुछ उपचार काफी लाभ देते है. हालांकि इन्हें लेने से पहले डॉक्टर से बात करके सलाह ली जानी चाहिए. जिससे यह हाल में ली जा रही दवाओं के साथ इंटरैक्शन न करें. निम्न हर्ब और सप्लीमेंट मदद कर सकते है.

  • फिश ऑयल – एक रिसर्च के अनुसार जो लोग इसका सेवन करते है उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर का रिस्क कम रहता है.
  • शतावरी – रिसर्च के अनुसार यह हर्ब मध्यम डिप्रेशन के लक्षणों का इलाज करने में कारगर होती है.
  • अमिनो एसिड सप्लीमेंट – यह बड़े डिप्रेशन और अन्य मूड डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने में मदद करती है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के साथ रहना

यह एक गंभीर मानसिक रोग है जिसके साथ आपको जीवन भर रहने पड़ता है. इसका मतलब यह नही कि आप खुश और हेल्दी लाइफ नही जी सकते है.

इसके इलाज से लक्षणों को मैनेज करने में काफी मदद मिलती है. इलाज में काफी सारे चीज़े जैसे दवाएं समेत थेरेपी भी शामिल की जा सकती है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के साथ रहना मुश्किल और चुनौती भरा है लेकिन यह जिंदगी के प्रति संवेदनशील रहने में मदद कर सकता है.