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पुरूष बांझपन के कारण और घरेलू इलाज- male infertility causes and treatment in hindi

पुरूष बांझपन के कारण और घरेलू इलाज- male infertility causes and treatment in hindi

अगर दुनिया के परिपेक्ष की बात करें तो आज के समय में इनफर्टिलिटी पूरे विश्व की समस्याओं में से एक है. एक अनुमान के मुताबिक दुनिया में हर छठा जोड़ा इससे प्रभावित है. जिसमे से हर तीसरा केस पुरूषों में फर्टिलिटी की समस्या का होना है.

वैसे तो बांझपन का हमेशा उपचार नही होता है लेकिन इसे हेल्दी डाइट, सप्लीमेंट और लाइफस्टाइल बदलावों के साथ इनफर्टिलिटी को बेहतर किया जा सकता है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है पुरूषों में बांझपन दूर करने और स्पर्म काउंट बढ़ाने के घरेलू उपाय –

पुरूष बांझपन क्या है? – what is male infertility in hindi

फर्टिलिटी का मतलब प्रजनन क्षमता से होता है. पुरूषों में बांझपन का अर्थ है अपनी महिला साथी को गर्भधारण कराने में असमर्थ होना. इसके पीछे का कारण स्पर्म सेल की गुणवत्ता कम होना होता है. इसके पीछे कुछ कारण हो सकते है जैसे –

पुरूष बांझपन के कारण – causes of male infertility in hindi

  • जेनेटिक्स
  • फिटनेस न होना
  • बीमारियाँ
  • हेल्दी लाइफस्टाइल न होना
  • अनहेल्दी डाइट का सेवन
  • शराब और स्मोकिंग
  • तनाव आदि हो सकते है

पुरूष बांझपन के लक्षण – signs of male infertility in hindi

  • कामेच्छा की कमी – इसे सेक्स ड्राइव भी कहा जाता है, इसे अंग्रेजी में लीबिदो भी कहा जाता है जो किसी भी इंसान के सेक्स की इच्छा को दर्शाता है. 
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन – इसे बांझपन भी कहा जाता है, जब कोई पुरूष इरेक्शन होने या बनाए रखने में समर्थ नही होता है तो इसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहा जाता है.
  • स्पर्म काउंट – सीमेन गुणवत्ता और स्पर्म सेल्स की एकाग्रता जैसे कई जरूरी फैक्टर इनफर्टिलिटी का कारण होते है.
  • स्पर्म मोटिलिटी – हेल्दी स्पर्म सेल्स का काम उसकी स्वीम करने की क्षमता होती है. सीमेन का सैंपल लेकर मूव करने वाले स्पर्म सेल्स की परसेंटेज को देखा जाता है इससे स्पर्म की मोटिलिटी का पता लगता है.
  • टेस्टोस्टेरोन लेवल – यह पुरूषों में सेक्स हार्मोन होते है जिसके कम होने से पुरूषों में इनफर्टिलिटी की समस्या का कारण बनते है.

पुरूष प्रजनन और स्पर्म काउंट बढ़ाने के घरेलू उपाय – how to increase sperm count naturally in hindi

एमिनो एसिड के सप्लीमेंट

  • डी-अस्पार्टिक एसिड (D-AA) यह एमिनो एसिड का एक पार्ट है जो बाज़ार में डाइटरी सप्लीमेंट के रूप में मिलता है.
  • ध्यान रहें कि इसे एल-अस्पार्टिक एसिड के साथ कंफ्यूज नही होना चाहिए.
  • डी-एए कई ग्लैंड्स में मौजूद होता है जैसे टेस्टिक्ल्स, सीमेन और स्पर्म सेल्स.
  • शोधों के अनुसार डी-एए पुरूष प्रजनन से जुड़ा होता है, ऐसा देखने को मिला है कि जिन पुरूषों को प्रजनन समस्याएं होती है उनमें डी-एए का स्तर कम होता है.
  • साथ ही रिसर्च का यह भी मानना है कि डी-एए सप्लीमेंट का सेवन करने से पुरूष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के लेवल बढ़ते है.

एक्सरसाइज करना

  • इससे न केवल हम अच्छा महसूस करते है बल्कि इससे हमारा आत्मविश्वास और शारीरिक क्षमता के अलावा टेस्टोसटेरोन का लेवल भी बढ़ता है.
  • अध्ययनों की माने तो रोजाना एक्सरसाइज करने वाले लोगों में स्पर्म की गुणवत्ता के साथ ही टेस्टोसटेरोन के लेवल अधिक होते है.
  • जबकि एक्सरसाइज न करने वाले लोगों में सीमेन का स्तर कम होता है.
  • हालांकि जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से भी उल्टा असर हो सकता है जिसके चलते टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, ऐसे में आप ज़िंक का सेवन कर रिस्क को कम कर सकते है.
  • अगर आप अपनी प्रजनन क्षमता को बेहतर करना चाहते है तो शारीरिक रूप से एक्टिव रहना चाहिए.

विटामिन सी का सेवन

  • तनाव, रोग, बढ़ती आयु और अनहेल्दी लाइफस्टाइल और वातावरण में मौजूद दूषक तत्वों के कारण हमारे शरीर में ऑक्सिडेटिव की मात्रा बढ़ जाती है.
  • इन बढ़ी हुई मात्रा के कारण टिश्यू इंजरी, सूजन, जलन और गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है.
  • जबकि इनके अलावा यह पुरूषों में प्रजनन समस्याओं का भी कारण बनता है.
  • ऐसे में विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सिडेंट लेने से हमारे शरीर को इन गंभीर प्रभावों से लड़ने में मदद मिलती है.
  • साथ ही इससे सीमेन की गुणवत्ता, स्पर्म मोटेलिटी, बेहतर स्पर्म सेल्स बनने की प्रक्रिया भी होती है.

कम तनाव और रिलैक्स होना

  • तनाव के कारण सेक्सुअल सैटिस्फेक्शन और प्रजनन क्षमता की क्षति होता है.
  • अध्ययनों के अनुसार तनाव का कारण हार्मोन कॉर्टिसोल होता है जिसके लेवल बढ़ने से टेस्टोस्टेरोन लेवल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
  • घबराहट को दवा आदि लेकर कम किया जा सकता है जबकि तनाव को अन्य तरीकों जैसे मेडिटेशन, एक्सरसाइज करना और दोस्तों के साथ समय बिता कर ठीक किया जा सकता है.

विटामिन डी

  • टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ाने के लिए यह जरूरी पोषक तत्वों में से एक है.
  • स्टडी के अनुसार, विटामिन डी की कमी वाले रोगियों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होता है.
  • ऐसे में इससे बने सप्लीमेंट के साथ सूर्य की रोशनी लेनी चाहिए.

मैथी का उपयोग

  • इसे कई तरह के घरेलू व दवा बनाने के उपयोग में लिया जाता है.
  • इसके उपयोग से न केवल टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने बल्कि फैट कम करने आदि में भी उपयोग किया जाता है.
  • साथ ही इससे कामेच्छा में वृद्धि होती है.

अश्वगंधा

  • प्राचीन समय से प्रयोग की जा रही जड़ी बूटियों में से एक अश्वगंधा के कई लाभ होते है.
  • पुरूषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या पुरूष प्रजनन समस्याओं के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
  • साथ ही इसके उपयोग से स्पर्म काउंट बढ़ना, स्पर्म मोटिलिटी बेहतर होना, एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा और टेस्टोस्टेरोन लेवल में बढ़ोतरी होती है.

जिंक

  • सबसे जरूरी तत्वों में से एक जिंक की अच्छी मात्रा मीट, मछली, अंडे आदि में मिलती है.
  • शरीर में जिंक का लेवल कम होने से खराब स्पर्म क्वालिटी, पुरूष बांझपन का खतरा, टेस्टोस्टेरोन के लेवल का कम होना जैसे रिस्क होते है.
  • शरीर में जिंक की कमी होने पर डॉक्टर से बात कर सलाह लेनी चाहिए.

माका रूट

  • पेरू नाम के देश में पैदा होने वाले इस प्लांट का प्राचीन समय से उपयोग कामेच्छा को बढ़ाने और पुरूष की प्रजनन समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता रहा है.
  • यह बाज़ार में पाउडर के रूप में भी उपलब्ध है जिसे दिन में 1.5-3 ग्राम तीन महीने तक लेने पर स्पर्म काउंट और स्पर्म मोटिलिटी बेहतर होना देखने को मिलता है.

पुरुष प्रजनन क्षमता बढ़ाने के उपाय – ways to boost male fertility in hindi

  • हेल्दी लाइफस्टाइल – खराब लाइफस्टाइल के कारण हमें कई तरह के रोगों का सामना करना पड़ता है.
  • मोटापा – इनफर्टिलिटी के मुख्य कारणों में से एक मोटापा भी है. ऐसे में वजन घटाने के लिए प्रयास करने चाहिए.
  • शराब का सेवन कम करना – इसके अधिक सेवन से टेस्टोस्टेरोन लेवल और सीमेन की क्वीलिटी पर असर पड़ता है.
  • पूरी नींद लेना – ऐसा करने से पूरी सेहत पर अच्छा असर पड़ता है. साथ ही सीमेन क्वालिटी बेहतर रहती है.
  • हेल्दी फ़ूड – ऐसे फ़ूड्स खाने चाहिए जो एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर हो जैसे वालनट्स आदि.

अंत में

पुरूषों में प्रजनन समस्याओं के होने से पूरा विश्व प्रभावित है. इससे ग्रसित होने पर अपनी हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए.