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दांतों को चमकाने के घरेलू उपाय – whitening teeth naturally home remedies in hindi

दुनियाभर में दांतों को चमकाने के लिए लोग कोफी पैसा खर्च करते है जिसमें दांतो को चमकाने वाले प्रोडक्ट शामिल है.

दांतों को चमकाने के लिए बाजार में बहुत सारे प्रोडक्ट मौजूद है. जिसमें से अधिकतर प्रोडक्ट में केमिकल होते है. जिस कारण बहुत से लोग घरेलू और प्राकृतिक उपायों को अपनाते है.

आज इस लेख में हम आपको बताने वाले है दांतो को चमकाने के घरेलू उपाय लेकिन उससे पहले दांतों के पीले होने के कारण –

दांतों का पीला होने के कारण – what causes teeth to look yellow in hindi

  • इसके पीछे कई कारण होते है जिसके चलते दांत अपनी चमक और सफेदी खो देते है.
  • कुछ फ़ूड्स दांतों की सबसे बाहरी लेयर इनेमल में फंसे रह जाते है.
  • अन्य कारण दांतों में प्लेग का बनना जिस कारण यह पीले दिखने लगते है.
  • इस तरह के पीलेपन को रेगुलर सफाई और दांत सफेद करने वाले तरीकों से ठीक किया जा सकता है.

इसके अलावा, दांतों के पीलेपन का कारण इनेमल का घिस जाना भी होता है. जिस कारण नीचे की डेंटिन भी दिखने लगती है. डेंटिन का प्राकृतिक रंग पीला होता है और यह हड्डी का टिश्यू इनेमल के नीचे होता है.

दांतों को चमकाने के घरेलू उपाय – white teeth naturally home remedies in hindi

ऑयल पुल्लिंग बेनिफिट्स 

  • इस तरीके का इस्तेमाल प्राचीन समय से पूर्ण हाइजीन और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए किया जाता रहा है.
  • इसके दौरान मुंह में तेल भरकर कुल्ला किया जाता है जिससे मुंह के अंगर मौजूद दांतों को पीला करने और प्लेग का कारण बनने वाले बैक्टीरिया मर जाते है.
  • इसके लिए सूरजमुखी का तेल या तिल के तेल का प्रयोग किया जा सकता है. हालांकि इसे किसी भी तेल से किया जा सकता है.
  • नारियल तेल का उपयोग इसका सबसे बेहतर उदाहरण है जिसके कई हेल्थ बेनेफिट्स भी होते है.
  • नारियल तेल में लौरिक एसिड होता है जो सूजन कम करने के साथ बैक्टीरिया को मारता है.
  • कुछ अध्ययनों के अनुसार ऑयल पुल्लिंग से मुंह का बैक्टीरिया कम होने के साथ प्लेग और मसूड़ो की सूजन कम होती है.

ऑयल पुल्लिंग का तरीका –

  • 1 चम्मच नारियल तेल लें और उसे मुंह में डालें.
  • जिसके बाद मुंह बंद रखते हुए दांतों के बीच से पुश और पुल करें.
  • इस प्रक्रिया को 15 -20 मिनट कर करें.
  • सामान्यता नारियल का तेल कमरे के तापमान पर जम जाता होता है तो इसे पीघल जाने के बाद लें.
  • प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद इसे थूक दें.
  • इसे रोजाना रात को सोने से पहले किया जा सकता है.

दूसरे दांत सफेद करने के तरीकों से तुलना करने पर, नारियल तेल से ऑयल पुल्लिंग करने पर हमारे दांतों पर कोई केमिकल आदि का प्रयोग नही होता है जिससे इनेमल सुरक्षित रहता है.

बेकिंग सोडा से ब्रश करना

  • इसमें दांतों को सफेद करने वाले गुण होते है जो आजकल टूथपेस्ट में प्रयोग किए जाते है.
  • साथ ही यह दांतों में फंसी गंदगी को बाहर करता है.
  • सबसे जरूरी बेकिंग सोडा मुंह में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है.
  • याद रहें कि इसके प्रयोग से एक रात में आपके दांत सफेद नही होते है.
  • नियमित रूप से उपयोग करने पर आपको अंतर पता चलता है.

बेकिंग सोडा से ब्रश करने का तरीका –

  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा को 2 चम्मच पानी में डालकर पेस्ट बनाए.
  • इस पेस्ट से ब्रश करें.
  • इसे हफ्ते में कुछ दिन कर सकते है.

हाइड्रोजन पराक्साइड

  • मुंह के बैक्टीरिया को मारने के लिए हाइड्रोजन पराक्साइड काफी उपयोगी है.
  • काफी सारे लोग हाइड्रोजन पराक्साइड का उपयोग घावों को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए करते आ रहे हैं.
  • हाइड्रोजन पराक्साइड को पतला करके उपयोग करना सुरक्षित होता है.
  • जबकि इसके हाई डोज़ के कारण मसूड़ो की जलन और दांतों की सेंसिटीविटी हो सकती है.

दांतों के लिए हाइड्रोजन पराक्साइड उपयोग करने का तरीका –

  • इसे बेकिंग सोडा के साथ मिक्स करके टूथपेस्ट बनाया जा सकता है.
  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा में 1 चम्मच हाइड्रोजन पराक्साइड को मिक्स करें.
  • इसके पेस्ट से धीरे धीरे से दांत को ब्रश करें.

ध्यान रहें की हफ्ते में इसका सीमित उपयोग करें, इसके ज्यादा उपयोग से इनेमल को नुकसान हो सकता है.

सेब के सिरका का उपयोग

  • इसका उपयोग प्राचीन समय से साफ करने के लिए किया जाता रहा है.
  • सेब के सिरका में मौजूद तत्व बैक्टीरिया को मारते है.
  • इसके एंटी-बैक्टेरियल गुण इसे मुंह को साफ करने और दांतों को चमकाने में मददगार होते है.
  • लेकिन इसका उपयोग रोजाना नही किया जाना चाहिए इससे दांत के इनेमल को नुकसान हो सकता है.

दांतों के लिए सेब का सिरका उपयोग करने का तरीका –

  • माउथवॉश के रूप में उपयोग करने के लिए इसे पानी के साथ मिलाएं.
  • जिसके बाद कुछ मिनटों के लिए कुल्ला कर सकते है.
  • जिसके बाद अंत में सादा पानी से कुल्ला किया जाना चाहिए.

फल और सब्जियाँ खाएं

  • शरीर और दांतों के लिए जरूरी है कि अपनी डाइट में फलों और सब्जियों को शामिल किया जाए.
  • कच्चे फल और सब्जियाँ चबाने से प्लेग को हटाने में मदद मिलती है.
  • स्ट्राबैरी और पाइनएप्पल दांतों को सफेद करने में मदद करते है.

स्ट्राबैरी

  • इसके साथ बेकिंग सोडा को मिलाकर ब्रश करने से दांतों को सफेद किया जा सकता है.
  • स्ट्राबैरी में मौजूद तत्व दांतों को साफ करने जबकि बेकिंग सोडा धब्बे हटाने में मदद करता है.
  • इस तरीके को हफ्ते में कुछ दिन किया जा सकता है.
  • ताजा स्ट्राबैरी लें और बेकिंग सोडा के साथ मिला लें. जिसके बाद इस मिक्सचर को दांतों पर ब्रश कर सकते है.

पाइनएप्पल

  • कुछ का मानना है कि पाइनएप्पल से दांत सफेद हो जाते है.
  • एक अध्ययन के अनुसार पाइनएप्पल के तत्व वाले टूथपेस्ट कारगर होते है.
  • लेकिन इसका कोई प्रमाण नही मिला है.

दांतों पर धब्बे लगने से बचाव

आयु बढ़ने के साथ ही दांतों का पीलापन देखने को मिलता है लेकिन कुछ चीज़ो से इससे बचाव किया जा सकता है.

कुछ फ़ूड्स और ड्रिंक्स का सीमित सेवन करना

  • कॉफी, रेड वाइन, सोडा आदि के सेवन के कारण दांतों में धब्बे लग सकते है.
  • ऐसे में इनका सेवन सीमित किया जाना चाहिए.
  • इसके अलावा स्मोकिंग, तंबाकू तबाने से भी दांतों का रंग बदल सकता है.

शुगर का सेवन सीमित करना

  • चीनी के सेवन से दांतो पर काफी खराब प्रभाव पड़ता है.
  • हाई शुगर डाइट से मुंह में बैक्टीरिया का विकास होता है जो प्लेग और मसूड़ो की सूजन जैसी समस्या को जन्म देता है.

कैल्शियम डाइट

  • दांतों के मलिनिकरण का कारण इनेमल को नुकसान और घिस जाने के कारण होता है.
  • इनेमल को मजबूत करने के लिए हाई कैल्शियम फ़ूडस लेने चाहिए जैसे – दूध, पनीर, ब्रोकली आदि से दांत घिसने से रोका जा सकता है.

ब्रश और फ्लोसिंग को न भूलें

  • कुछ दांतों के मलिनिकरण की समस्या आयु के साथ आती है जिस कारण प्लेग बन जाता है.
  • रेगुलर ब्रश और फ्लोसिंग करने से दांत सफेद रहते है.
  • साथ ही इससे प्लेग बनना और मुंह में बैक्टीरिया का विकास कम होता है.

दांतों के सफेद रखने के अन्य तरीके

  • एक्टिवेटिड चारकोल – इससे ब्रश करने से मुंह में जमा टॉक्सिन बाहर आते है और दांतों के धब्बे भी गायब हो जाते है.
  • कैओलीन क्ले – इस तरीके से दांत साफ करने से धब्बे आदि हट जाते है.
  • फलों के छीलके – संतरा, नींबू या केला के छीलके को दांतो पर रगड़ने से दांत सफेद हो जाते है.

अंत में

दांतों को सफेद करने के लिए कई नैचुरल तरीके मौजूद है. जिसमें से अधिकतर उपाय दांतों पर जमा धब्बों को आराम से हटाकर काम करते है. काफी सारे दंत रोग विशेषज्ञ दांतों को सफेद करने के लिए ट्रीटमेंट आदि उपलब्ध कराते है जो प्राकृतिक उपायों से ज्यादा स्ट्रोंग होते है. जिसमें दांतों की ब्लीचिंग जो दांतों के मलिनिकरण में काम करती है.

इसके अलावा किसी भी दांतों को सफेद करने वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल दांतों को नुकसान पहुँचा सकता है. कुछ भूी नया शुरू करने से पहले या दांतों में समस्या होने पर डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए.

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