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विटामिन ए की कमी के बारे में – vitamin a deficiency

विटामिन ए की कमी के बारे में – vitamin a deficiency

इस लेख में आप जानेगें विटामिन ए की कमी के संकेत और लक्षणों के बारे में –

विटामिन ए की कमी के लक्षण और संकेत क्या है? – what are the sign and symptoms of vitamin a deficiency?

घाव भरने में परेशानी

  • इंजरी या सर्जरी के बाद घाव का ठीक से न भरना विटामिन ए के लो लेवल से लिंक होता है.
  • विटामिन ए कॉलेजन के विकास को बढ़ावा देता है जो हेल्दी स्किन के लिए जरूरी है.
  • रिसर्च के अनुसार औरल और टॉपिकल विटामिन ए स्किन को मजबूत करने में मदद करते है.
  • जानवरों पर हुए अध्ययन में पाया गया कि विटामिन ए को डायबिटीज वाले जानवरों पर लगाने से घाव तेजी से भरे.
  • जबकि रिसर्च में इंसानों पर भी परिणाम एक जैसे ही थें. 

धीमी ग्रोथ

  • विटामिन ए की कमी वाले बच्चों में विकास धीमा हो सकता है.
  • ऐसा इसलिए क्योंकि मानव शरीर को सही विकास के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी होता है.
  • कई अध्ययनों में देखा गया है कि विटामिन ए सप्लीमेंट अकेले या दूसरे पोषक तत्वों के साथ विकास को बेहतर कर सकते है.
  • हालांकि, विटामिन ए को दूसरे पोषक तत्वों के साथ लेने पर परिणाम बेहतर नजर आए. 

एक्ने

  • स्किन के विकास को बढ़ावा देने और इंफ्लामेशन से लड़ने के साथ साथ विटामिन ए एक्ने का इलाज करने में मदद करते है.
  • कई स्टडी में लो विटामिन ए लेवल और एक्ने में लिंक देखने को मिला है.
  • खाने और लगाने वाले विटामिन ए मुंहासों के इलाज में प्रभावी माने जाते है.
  • हालांकि, दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट हो सकते है जिसमें मूड में बदलाव और बर्थ डिफेक्ट शामिल है.  

ड्राई आंखे

  • विटामिन ए की कमी के कारण होने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक होती है.
  • गंभीर मामलों में विटामिन ए नहीं मिलने से अंधापन या कॉर्निया खत्म हो सकता है.
  • आंखों का सूखापन या आंसू न आ पाना विटामिन ए की कमी का पहला संकेत है.
  • जबकि विटामिन ए सप्लीमेंट से कंडीशन को बेहतर किया जा सकता है.

गला और चेस्ट इंफेक्शन

  • बार बार इंफेक्शन खासकर गले या सीने में होना विटामिन ए कमी के संकेतों में से एक है.
  • रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट इंफेक्शन में विटामिन ए सप्लीमेंट मदद करते है.
  • अध्ययनों में यह भी देखा गया कि विटामिन ए की कमी वाले लोगों को ही सप्लीमेंट दिए जाने चाहिए.
  • लेकिन अधिक आयु वाले लोगों पर हुए अध्ययनों में देखा गया कि प्रोविटामिन ए सांस संबंधी इंफेक्शन से बचाव करने में मददगार साबित हुए.

प्रजनन समस्या और गर्भधारण करने में परेशानी

  • पुरूष और महिलाओं दोनों में प्रजनन के लिए विटामिन ए काफी जरूरी होता है.
  • इसके अलावा शिशु के विकास में भी विटामिन ए बहुत जरूरी होता है.
  • गर्भधारण करने में परेशानी होने के एक कारणों में से विटामिन ए की कमी हो सकती है.
  • जिस कारण महिला और पुरूषों में इंफर्टिलिटी हो सकती है. (जानें – जुड़वा बच्चों के लिए गर्भधारण कैसे करें)
  • कई अध्ययनों में देखने को मिला है कि बांझ पुरूषों को एंटीऑक्सिडेंट की ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि उनके शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव अधिक होता है.
  • विटामिन ए शरीर में एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करता है.
  • गर्भपात को भी विटामिन ए की कमी से जोड़ा जाता है. (जानें – गर्भपात के कारण)

रात का अंधापन

  • कई सारे विटामिन ए की कमी के कारण रात का अंधापन हो सकता है.
  • कई अध्ययनों में देखा गया है कि विकसित देशों में इसके होने का रिस्क ज्यादा रहता है.
  • जिस कारण डॉक्टर आदि द्वारा विटामिन ए के लेवल को बेहतर करने को लेकर काम किया जाता है.

ड्राई स्किन

  • स्किन सेल्स के बनने और रिपेयर करने के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी होता है.
  • यह कुछ स्किन समस्याओं के कारण होने वाली इंफ्लामोशन से लड़ने में मदद करते है.
  • जबकि सही विटामिन ए नहीं मिलने से एक्जिमा और अन्य स्किन समस्याओं का विकास हो सकता है.
  • एक्जिमा के कारण सूखी, खुजली वाली और स्किन इंफ्लामेशन हो सकता है.
  • ध्यान रहें कि ड्राई स्किन के कई कारण हो सकते है लेकिन क्रोनिक विटामिन ए की कमी भी इसका कारण हो सकता है.

विटामिन ए की कमी क्या होता है? What is vitamin a deficiency

  • विटामिन ए एक पैट सॉल्यूबल विटामिन होता है जिसका काम शरीर के मुख्य काम जैसे अच्छी दृष्टि, मजबूत इम्यून सिस्टम, प्रजनन और अच्छी स्किन हेल्थ का होना शामिल है.
  • विटामिन ए के दो प्रकार होते है – प्रीफॉर्मड विटामिन ए और प्रोविटामिन ए, जो भोजन से प्राप्त होते है.
  • प्रीफॉर्मड विटामिन ए को रेटिनॉल कहा जाता है जो आमतौर पर मांस, फिश और डेयरी प्रोडक्ट में मिलता है.
  • वहीं हमारा शरीर प्लांट फ़ूड्स में मौजूद केरोटेनॉइड जैसे लाल, हरा, पीला और संतरी रंग के फलों और सब्जियों से मिलते है इन्हें विटामिन ए में बदलता है.
  • विकासशील देशों में लोगों में विटामिन ए की कमी देखने को मिलती है.
  • बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं और गर्भवती महिलाओं में इसके होने का रिस्क ज्यादा होता है.
  • सिस्टिक फिब्रोसिस और क्रोनिक डायरिया इसकी कमी का रिस्क बढ़ा देता है.

अधिक विटामिन ए के नुकसान

  • पूरी हेल्थ के लिए विटामिन ए काफी जरूरी है. हालांकि, बहुत अधिक लेने से नुकसान हो सकता है. 
  • विटामिन ए टॉक्सिसिटी, लंबे समय तक हाई सप्लीमेंट डोज़ लेने के कारण हो सकती है.
  • जबकि सिर्फ डाइट से विटामिन ए ज्यादा लेना बहुत ही रेयर होता है.
  • ज्यादा विटामिन ए लिवर में स्टोर होकर टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है.
  • जिस कारण दृष्टि में बदलाव, हड्डियों की सूजन, ड्राई और कठोर त्वचा, माउथ अल्सर और भ्रम की कंडीशन शामिल है.
  • गर्भवती महिलाओं को विटामिन ए का सेवन करते समय सावधानियां बरतनी चाहिए, इससे शिशु में बर्थ डिफेक्ट की संभावना रहती है.
  • अधिकतर हेल्दी व्यस्कों को 700 से 900 एमसीजी प्रति दिना विटामिन ए की जरूरत होती है.
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओ के अधिक और बच्चों को कम विटामिन ए की आवश्यकता होती है. 

अंत में

विकासशील देशों में विटामिन ए की कमी एक समसया हो सकती है. विटामिन ए की मात्रा बहुत कम होने से स्किन इंफ्लामेशन, धीमा विकास, सांस संबंधी परेशानी आदि हो सकते है.

जबकि घाव और मुंहासे होने पर ऐसे लोगों के खून में विटामिन ए के लेवल कम हो सकते है जिसे इसकी सही डोज़ देकर ठीक किया जाता है.

विटामिन ए फ़ूड्स का सेवन इसकी कमी नहीं होने देता है. किसी अन्य समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से बात कर सलाह ली जानी चाहिए.

References –

 

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Ankita Singh

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