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पेट में दर्द के कारण, प्रकार, निदान और रोकथाम – abdominal pain in hindi

पेट में दर्द के कारण, प्रकार, निदान और रोकथाम – abdominal pain in hindi

इस लेख में आपको बताने वाले है पेट में दर्द के कारण, प्रकार, निदान और रोकथाम के तरीके –

पेट में दर्द क्या होता है? – what is abdominal pain in hindi

शरीर में सीने और पेल्विक एरिया के बीच में मौजूद पेट में दर्द कई तरह का हो सकता है जिसमें ऐंठन होना, तीव्र दर्द, पेट दूखना आदि हो सकते है. ऐसी स्थितियों को पेट में दर्द के रूप में जाना जाता है.

इसका कारण सूजन, जलन जैसी कोई उत्तेजना या किसी रोग के कारण पेट में मौजूद अंगों के प्रभावित होने को कारण पेट में दर्द की समस्या हो सकती है. हमारे एब्डोमेन में मौजूद अंगों में –

  • किडनी
  • पेट
  • लिवर
  • गाल ब्लैडर
  • आंते (छोटी व बड़ी दोनों)
  • स्प्लीन
  • अपेंडिक्स (बड़ी आंत का हिस्सा)
  • पैंक्रियाज (अग्नाशय)

वायरल, बैक्टीरियल या पैरासाइटिक इंफेक्शन के अलावा आंतों के कारण भी पेट में दर्द की समस्या हो सकती है.

पेट में दर्द के कारण क्या होते है? – what are the causes of abdominal pain

इसके कई कारण होते है जैसे इंफेक्शन, असामान्य ग्रोथ, इंफ्लामेशन, ब्लॉकेज और इटेस्टाइनल डिस्ऑर्डर आदि.

गले, आंत और ब्लड में इंफेक्शन के कारण बैक्टीरिया पाचन तंत्र तक पहुँच जाता है जिस कारण पेट में दर्द होता है. इस इंफेक्शन के कारण पाचन क्रिया में बदलाव के चलते पानी की कमी या कब्ज देखने को मिल सकती है.

पेट में दर्द के अन्य कारण –

  • कब्ज
  • डायरिया
  • गैस्ट्रोइंटराइटिस
  • एसिड रिफ्लक्स
  • उल्टी
  • तनाव

पाचन तंत्र को प्रभावित करने वाले रोग जिस कारण तीव्र पेट में दर्द हो सकता है जिनमें सबसे आम है – 

गंभीर पेट में दर्द के कारण में –

  • अपेंडिक्स वाली नस फट जाना
  • गाल ब्लैडर स्टोन
  • किडनी स्टोन
  • किडनी इंफेक्शन

पेट में दर्द के प्रकार – types of abdominal pain in hindi

  • पेट में दर्द एक एरिया तक सीमित होता है जैसे ऐंठन आदि महसूस होना, जो एक हिस्से तक होता है.
  • इस प्रकार के दर्द किसी एक अंग में समस्या के कारण होता है.
  • जिसके सबसे आम कारणों में से एक पेट में अल्सर होना है  जिसमें पेट के अंदर लिनिंग पर घाव हो जाते है.
  • ऐंठन जैसे दर्द के कारण पानी की कमी, कब्ज़, पेट फूलना आदि होते है.
  • जबकि महिलाओं में यह दर्द मासिक धर्म, गर्भपात या महिला प्रजनन अंग की अन्य जटिलताओं के कारण हो सकता है.
  • यह दर्द आता जाता रहता है और बिना इलाज के भी ठीक हो जाता है.
  • चूभन वाला दर्द जिसे कोलिक दर्द कहते है गंभीर कंडीशन जैसे गालस्टोन या किडनी स्टोन के कारण हो सकता है.
  • यह दर्द अचानक से आता है और गंभीर मांसपेशी की ऐंठन महसूस होती है.

पेट में दर्द की जगह – location of pain within abdomen in hindi

दर्द किस जगह पर है यह पता लगा लेने से कारण का पता चल सकता है. लेकिन पेट में एक जगह पर दर्द न होकर पूरे पेट में होने पर निम्न समस्याओं को दर्शाता है जिसमें –

  • अपेंडिक्स
  • क्रोहन रोग
  • फ्लू
  • आईबीएस
  • ट्रॉमेटिक इंजरी
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन

पेट के निचल हिस्से में दर्द होने के कारण –

  • अपेंडिसाइटिस
  • इंटेस्टाइनल ऑबस्ट्रक्शन
  • एक्टॉपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर होने वाली प्रेगनेंसी)

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द होने के कारण –

  • पेल्विक इंफ्लामेटरी रोग
  • फाइबॉइड
  • गर्भपात
  • मासिक धर्म के दौरान गंभीर दर्द
  • ओवेरियन सिस्ट
  • एंडोमेट्रियोसिस
  • एक्टॉपिक प्रेगनेंसी

पेट के बीच वाले हिस्से में दर्द होने के कारण –

  • यूरेमिया (खून में वेस्ट प्रोडक्ट का बिल्डअप)
  • चोट लगना
  • अपेंडिसाइटिस
  • गैस्ट्रोएंटराइटिस

पेट के निचले लेफ्ट साइड में दर्द होने के कारण –

पेट के ऊपरी लेफ्ट साइड में दर्द होने के कारण-

  • स्प्लीन बढ़ना
  • मल का टाइट होकर न निकल पाना
  • इंजरी
  • किडनी इंफेक्शन
  • हार्ट अटैक
  • कैंसर

पेट के निचले राइट साइड में दर्द होने के कारण –

  • हर्निया
  • कैंसर
  • फ्लू
  • किडनी इंफेक्शन
  • अपेंडिसाइटिस

पेट के ऊपरी राइट साइड में दर्द होने के कारण –

डॉक्टर से कब सलाह लें –

माइल्ड पेट में दर्द बिना किसी उपचार के ठीक हो जाता है जबकि कुछ मामलों में पेट में दर्द होने के कारण डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है.

किसी दुर्घटना के कारण पेट में चोट लगने या दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर ली जानी चाहिए. साथ ही निम्न कंडीशन होने पर तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है जैसे –

  • मल से खून आना
  • तेज़ बुखार
  • उल्टी में खून आना
  • मतली या उल्टी की भावना बनी रहना
  • आँखों और त्वचा का पीला पड़ना
  • पेट की सूजन या ऐंठन
  • सांस लेने में समस्या

नीचे दी गई किसी भी स्थिति के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए –

  • 24 घंटे से अधिक पेट में दर्द होने
  • लंबे समय तक कब्ज रहने
  • उल्टी
  • फीवर
  • भूख न लगना
  • पेशाब के दौरान जलन
  • बिना वजह वजन कम हो जाना

इन सभी के अलावा अगर आप प्रेगनेंट है या शिशु को स्तनपान करवा रही है और पेट में दर्द महसूस होता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए.

References –

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Kartik bhardwaj

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